Friday, November 18, 2016

Mantra to Avert a Calamity (Khatron se Bachne ka Mantra)


Dear Readers

I am posting a powerful mantra in this post. This mantra is a Jain protection mantra. This is a very powerful mantra to protect one from any sudden calamity. One should start reciting this mantra as soon as one sees any sudden danger. It is believed that this mantra has the power to save from any danger. One should keep reciting this mantra daily so that one remembers it and the mantra keeps protecting the person.   

Mantra:


Om Namo Arhataan Hraa Hridayam Raksh Raksh Hum Fat Swaaha
Om Namo Siddhaan Hree Shiro Raksh Raksh Hum Fat Swaaha
Om Namo Aayeriyaan Hoo Shikhaa Raksh Raksh Hum Fat Swaaha
Om Namo Uvajjhaayaan Hrae Ehi Ehi Bhagwati Vajrakavach Vajrini Raksh Raksh Hum Fat Swaaha 
Om Namo Loye Savvsaahoon Hra Kshipra Saadhaye Saadhaye Vajrahaste Shoolini Dushtaan Raksh Raksh Hum Fat Swaaha


Procedure: 

  • Sit on a red colored cloth or asana facing east direction and light incense sticks and dhoop.
  • With complete faith and devotion, the above mantra should be recited for as much as possible daily. 
  • This mantra should be recited daily to get complete benefit. Try to be as regular as you can. If faith and devotion on the mantra is pure, benefit will be realized very soon.
Note: If you are reciting the mantra for someone else then take a 'sankalp' in your mind that you are doing this mantra for (name of the affected person) and the whole benefit of the recitation should go to (name of the affected person)

You can listen to the recording of this mantra at this link 


इस पोस्ट में मैं एक शक्तिशाली रक्षा मंत्र देने जा रहा हूँ । यह मंत्र जैन धर्म के पवित्र ग्रंथों से लिया गया है । अचानक आये खतरे से बचाने के लिए यह मंत्र बहुत प्रभावशाली है । जैसे ही कोई खतरा दिखे इस मंत्र को लगातार जपना शुरू कर देना चाहिए । ऐसा माना जाता है की इस मंत्र के प्रभाव से आता हुआ खतरा टल जाता है । इस मंत्र को रोज़ जपा जाना चाहिए ताकि यह मंत्र अच्छे से याद रहे और रक्षा करता रहे । 

मंत्र:


ॐ णमो अर्हताण ह्रा हृदयँ रक्ष रक्ष हुम फट स्वाहा 
ॐ णमो सिद्धाण ह्री शिरो रक्ष रक्ष हुम फट स्वाहा 
ॐ णमो आयरियाण हू शिखा रक्ष रक्ष हुम फट स्वाहा 
ॐ णमो उवज्झायाण ह्रै एहि एहि भगवती वज्रकवच वज्रिणि रक्ष रक्ष हुम फट स्वाहा
ॐ णमो लोए सव्वसाहूण ह्र क्षिप्र साधय साधय वज्रहस्ते शूलिनी दुष्टान रक्ष रक्ष हुम फट स्वाहा


विधि: 


  • एक लाल रंग के कपड़े/आसन पर पूर्व दिशा की और मुख करके बैठ जाएँ और धूप अगरबत्ती जला लें ।
  • ऊपर दिया हुआ मंत्र पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ रोज़ ज़्यादा से ज़्यादा जपें । 
  • इस मंत्र का पूरा फायदा लेने के लिए रोज़ जपा जाना चाहिए । ज़्यादा से ज़्यादा नियमित रहने की कोशिश करें । अगर मंत्र पर श्रद्धा और विशवास सच्चा है तो फायदा जल्दी मिलेगा ।
नोट

  • अगर यह मंत्र आप किसी और के लिए जप रहे हैं तो पहले मन में संकल्प लीजिए की ये मंत्र आप (उस व्यक्ति का नाम लीजिये जिसके लिए मंत्र जपा जा रहा है) के लिए कर रहे हैं और इस मंत्र का पूरा फायदा (उस व्यक्ति का नाम लीजिये जिसके लिए मंत्र जपा जा रहा है) को जाए।
इस मंत्र की रिकॉर्डिंग को आप इस लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं ।

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Gaurav Malhotra

About the Author:

Gaurav Malhotra is a B Tech in Comp. Engg. from National Institute of Technology (NIT, Kurukshetra) and a passionate follower of Astrology. He has widely traveled across the world and helped people with his skills. You can contact him at +91-9211921182 or on his email jyotishremedy@gmail.com. You can also read more about him on his page. This is his Facebook page. 

2 comments:

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  2. Sir mujhe apke blog bahut acche lage sir meri d.o.b 3-8-1981 hai.place kota Rajasthan india.time5:25pm.miss ki d.o.b 29-7-83 time ka sahi pata nahi place Ajmer Rajasthan hai.guruji hum main apas main nahi banti hai krapiya kar koi upaye bataye main bahut abhari rahuga

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I get huge no. of comments everyday and it is not possible for me to reply to each and every comment due to scarcity of time. I will try my best to reply at least a few comments everyday.

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