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Sunday, April 3, 2016

Some Proven Herbal Remedies for Women Related Disorders (Stri Rogon ke Liye Azmaaye Hue Nuskhe)



Dear Readers, 
I am going to post some easy and proven herbal (Ayurvedic) remedies for women related (Gynecological) disorders in this post. These remedies have been tried on thousands of people and proved to be very helpful. I hope all the female readers will get benefited from this post. 
(Android users who are watching this post through my app (Astro Junction App) on their smartphones, should click on the title of the post above to see the complete post.)

Leucorrhoea:  

1) Take one teaspoon of amla (Indian Gooseberry) powder with 2 teaspoons of honey once everyday for 30 days regularly. 
Amla juice can also be taken instead of amla powder. Sour foods should be avoided during these 30 days. Leucorrhoea will be cured if it is done regularly. 

2) Mix 1/4 glass of beetroot juice to 3/4 glass carrot juice. Drink this juice twice daily. It has the power to cure almost all Gynecological disorders.

Menstrual Cycle: 

1) If periods have not started in time, 1/4 teaspoon or half teaspoon of Ajwaain (Carom) powder should be taken with hot milk in the morning as well as in the evening and should be taken daily till you start getting the normal periods.

2) If you get periods with lot of pain then take 1 teaspoon of Radish seeds powder three times a day in the morning, afternoon and evening with water. It can be continued for 2-3 days till you get normal bleeding. 
If it is done for at least 3 days continuously before getting periods, then you will get lot of relief during periods.  

3) If you get heavy bleeding during periods then do this. Take 20 grams dhania (Coriander) seeds powder and boil it in 200 grams of water. Keep boiling the water till 50 grams (1/4th) of water remains. Allow it to cool. Filter the water, add misri (Crystallized sugar lumps) powder to it and drink it. It can be repeated if benefit is not observed.  

Conceiving:

1) If a lady is not able to conceive, she should take 1 and half teaspoon of fennel seeds (Saunf) powder with 1 teaspoon of pure cow ghee everyday. This should be done regularly for 3 months. This is particularly useful for the ladies who are on the fat side. If the lady is very thin then she should replace Saunf powder in this remedy with shatavari (Asparagus) powder. It purifies the uterus and allows the lady to conceive. 

2) If you get normal periods but still not able to conceive then this remedy should be done for 1 year regularly. It needs to be done only during the menstrual days. As soon as the periods are over this remedy should be discontinued. Half teaspoon seeds of Tulsi should be eaten daily during the menstrual days. It makes the uterus healthy and cures all the problems related to it. 

3) If water decoction (Kaadha) of Saunf (Fennel seeds) is taken daily during pregnancy, it will protect the pregnancy.  

Birth Control: 

Never take birth control pills. 

1) Get dried turmeric roots, crush them thoroughly and make fine powder. Take 1 and half teaspoon of this powder daily with water during menstrual days. You will not be able to conceive during that month. It can be continued till the time you do not want to conceive. It should be done only during menstrual days. 

2) 1 cup of water decoction of Tulsi leaves if taken for 3 days immediately after the periods are over, promotes birth control.

Remedies to increase Lactation:

1) Ladies who do not get sufficient breast milk supply, should consume grapes daily.

2) Consuming Papaya is also helpful in this matter. Papaya should not be consumed during pregnancy, it may cause abortion.

3) 1 teaspoon of shatavari (Asparagus) powder daily with warm milk also increases the supply of milk.

Remedy for Fibroids and other uterine disorders:

1) The best remedy for any uterine disorder is to drink half a glass of go mootra (cow urine) daily in the morning empty stomach. Please make sure the cow urine is of a healthy Indian breed cow. Do not eat anything else till next 1 hour. 
Cow urine can effectively treat at least 300 types of diseases and Cancer is one of them. 


प्रिय पाठकों,

इस पोस्ट में मैं स्त्री रोगों के लिए कुछ आसान, चुने हुए और हज़ारों लोगों पर आज़माए हुए आयुर्वेदिक नुस्खे देने जा रहा हूँ । आशा करता हूँ की सभी महिला पाठकों को ये उपाय अवश्य फायदा करेंगे ।

ल्युकोरीआ (सफ़ेद पानी): 

1) 1 चम्मच आंवला चूर्ण में 2 चम्मच शहद मिलाकर रोज़ लें 30 दिन तक लगातार । अगर आंवला चूर्ण न हो तो आंवले का रस भी इस्तेमाल किया जा सकता है । ऐसा करने से इस बिमारी से छुटकारा पाया जा सकता है ।  इन 30 दिनों में खट्टे पदार्थ नहीं खाने चाहिए ।

2) एक चौथाई गिलास चुकंदर के रस में तीन चौथाई गाजर का रस मिलाकर रोज़ दिन में दो बार पीने से हर स्त्री रोग से छुटकारा पाया जा सकता है । 

मासिक धर्म: 

1) अगर मासिक धर्म रुका हुआ हो, खुल कर ना आ रहा हो या समय पर न आ रहा हो तो इस उपाय को करें । एक चौथाई या फिर आधी चम्मच अजवाइन का पाउडर गरम दूध के साथ सुबह और शाम दोनों समय तब तक लें जब तक मासिक धर्म खुल कर न आ जाए ।

2) अगर मासिक धर्म बहुत दर्द के साथ आता हो तो मूली के बीज का पाउडर एक चम्मच सुबह दोपहर और शाम को पानी के साथ लें । ये कम से कम 2-3 दिन तक करें जब तक की मासिक धर्म खुल कर आ जाए और जब तक दर्द ठीक हो जाए । अगर हर महीने मासिक धर्म शुरू होने से पहले कम से कम 3 दिन तक इसे कर लिए जाए तो काफी फायदा होता है ।

3) अगर मासिक धर्म के दौरान बहुत ज़्यादा रक्त स्राव होता हो तो इस उपाय को किया जा  सकता है । 
20 ग्राम सूखे धनिये का पाउडर लेकर उसे 200 ग्राम पानी में तब तक उबालिये जब तक की पानी 50 ग्राम यानि की एक चौथाई रह जाए । इसे ठंडा करके छान लें और मिश्री मिलाकर पी लें । अगर एक बार करने से लाभ न हो तो इसे दोहराया जा सकता है। 

गर्भाधान:

1) अगर कोई महिला गर्भ धारण न कर सके तो उसे यह उपाय करना चाहिए । डेढ़ चम्मच सौंफ का पाउडर एक चम्मच शुद्ध गाय के घी साथ खाना चाहिए । ये उपाय रोज़ करना चाहिए 3 महीने तक लगातार । यह उपाय खासतौर से ऐसी महिलाओं के लिए फायदेमंद है जो थोड़ी मोटी हैं । अगर महिला पतली है तो उसे सौंफ के पाउडर के बजाये शतावरी का पाउडर लेना  चाहिए । यह गर्भाशय को शुद्ध करके वहां के सभी विकार मिटा देता है जिससे गर्भ धारण संभव हो पाता है ।

2) अगर मासिक धर्म ठीक से आते हों लेकिन फिर भी गर्भ धारण न हो पा रहा हो तो इस उपाय को लगातार 1 साल तक करें । इसे केवल मासिक धर्म आने के समय ही करें और मासिक धर्म ख़त्म होते ही बंद कर दें । मासिक धर्म के दौरान तुलसी के बीज खाएं आधी चम्मच रोज़. । ये उपाय भी गर्भाशय को स्वस्थ बनाकर गर्भाधान संभव बनाता है । 

3) सौंफ का काढ़ा गर्भवती महिला को रोज़ पीना चाहिए इससे गर्भ की रक्षा होती है और गर्भपात नहीं होता ।

गर्भ निरोधन: 

गर्भ निरोध के लिए कभी भी गोलियां न खाएं । 

1) हल्दी की सूखी हुई गांठें लें उन्हें अच्छे से पीसकर उनका पाउडर बना लें । इस पाउडर की डेढ़ चम्मच पानी के साथ अगर मासिक धर्म के दिनों में रोज़ ली जाए तो उस महीने में गर्भ धारण नहीं होगा । ध्यान रहे की यह सिर्फ मासिक धर्म वाले दिनों में ही करना है ।  इसे हर महीने तब तक कर सकते हैं जब तक बच्चा न चाहें । 

2) मासिक धर्म ख़त्म होते ही अगर अगले तीन दिन तक तुलसी के पत्तों का एक कप काढ़ा रोज़ पीया जाए तो उस महीने में गर्भ धारण नहीं होता ।

स्तनों में दूध बढ़ाना:

1) ऐसी महिलायें जिन्हे दूध ज़्यादा नहीं उतरता उन्हें रोज़ अंगूर खाने चाहिए

2) पपीता खाने से भी दुग्ध वृद्धि होती है । गर्भावस्था में पपीता नहीं खाना चाहिए इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है ।

3) रोज़ गर्म दूध के साथ शतावरी का पाउडर लेने से भी दूध बढ़ता है ।

गर्भाशय की गांठें और अन्य विकार: 

गर्भाशय सम्बंधित विकारों के लिए सबसे अच्छी दवाई है गो मूत्र । यह किसी भी तरह के गर्भाशय विकार को ठीक करने में समर्थ है । गो मूत्र केवल भारतीय नस्ल की स्वस्थ गाय का ही होना चाहिए । अगर आधा गिलास  रोज़ सुबह खाली पेट लिया जाए तो हर तरह के गर्भाशय विकार से मुक्ति मिलती है । पीने के बाद अगले 1 घंटे तक और कुछ खाना नहीं चाहिए । 
यह कम से कम 300 अन्य प्रकार के रोगों को भी ख़त्म करता है जिसमे कैंसर जैसे भयानक रोग भी शामिल हैं ।

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Gaurav Malhotra

About the Author:

Gaurav Malhotra is a B Tech in Comp. Engg. from National Institute of Technology (NIT, Kurukshetra) and a passionate follower of Astrology. He has widely traveled across the world and helped people with his skills. You can contact him at +91-9211921182 or on his email jyotishremedy@gmail.com. You can also read more about him on his page. This is his Facebook page. 
  

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